मिडिल ईस्ट जंग का असर वैश्विक तेल बाजार पर, अमेरिका और UAE में पेट्रोल-डीजल के दामों में रिकॉर्ड उछाल

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और आम जनता की जेब पर भी सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अमेरिका और खाड़ी देशों के नागरिकों की आर्थिक चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 3 साल के उच्चतम स्तर पर
अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन यानी लगभग ₹380 तक पहुंच गई हैं, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर है। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद पेट्रोल की कीमतों में 30% से अधिक की तेजी देखी गई। वहीं, डीजल की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन (करीब ₹475) पार कर गई हैं, जो मिडिल ईस्ट तनाव के बाद 40% से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है।

UAE में डीजल पर सबसे बड़ा झटका, कीमतें 72% तक बढ़ीं
संयुक्त अरब अमीरात की फ्यूल प्राइस कमेटी ने 1 अप्रैल से नई कीमतें लागू की हैं। इसके तहत डीजल की कीमतें 2.72 दिरहम से बढ़कर 4.69 दिरहम प्रति लीटर (करीब ₹120) पहुंच गई हैं। पेट्रोल भी महंगा हुआ है; सुपर 98 की कीमत 3.39 दिरहम (करीब ₹87) और स्पेशल 95 का रेट 3.28 दिरहम (करीब ₹84) तक पहुंच गया है। इस तेजी ने खाड़ी देशों में भी आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, ब्रेंट क्रूड $107 पार
विश्लेषकों के अनुसार, इस महंगाई की जड़ मिडिल ईस्ट की अस्थिरता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड का भाव एक महीने में 48% बढ़कर 107.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

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